देश के अस्पतालों के लिए एम्स ने बनाया कोरोना बैकअप प्लान, ट्रेनिंग से लेकर शवों के अंतिम संस्कार तक की है योजना

 


देश के अस्पतालों के लिए एम्स ने बनाया कोरोना बैकअप प्लान, ट्रेनिंग से लेकर शवों के अंतिम संस्कार तक की है योजना


 



सार


- वेंटिलेटर से लेकर डॉक्टरों को ट्रेनिंग देने तक की बनाई योजना
- शवों के अंतिम संस्कार के लिए गाइडलाइन तैयार, चीन से काफी कुछ समानताएं
- ओपीडी बंद, लेकिन मरीजों को फोन व इंटरनेट पर दे सकेंगे सुझाव

 

विस्तार


कोरोना वायरस से निपटने के लिए अब देश का सबसे बड़ा चिकित्सीय संस्थान एम्स भी सक्रिय हो चुका है। एम्स ने देश भर के अस्पतालों के लिए कोरोना बैकअप प्लान तैयार कर लिया है जोकि एम्स के भी सभी अस्पतालों में लागू होगा। इसमें वेंटिलेटर से लेकर संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार तक की गाइडलाइन तैयार हो चुकी हैं।
 

अस्पताल न आने वाले मरीजों को फोन व इंटरनेट के जरिए डॉक्टरों से जोड़ा जाएगा। साथ ही कोरोना वायरस का इलाज करने वाले डॉक्टरों को एम्स से जोड़ने के लिए वेबीनार कार्यक्रम भी अब शुरू होने वाला है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह से एम्स के तमाम विशेषज्ञों की टीम बैकअप प्लान बनाने में जुटी हुई थी। एम्स में इस समय ओपीडी और पहले से तय सर्जरी को रोक दिया है। केवल आपातकालीन सेवाएं यहां चालू हैं।

एम्स के ट्रामा सेंटर, झज्जर स्थित कैंसर अस्पताल, बर्न व प्लास्टिक ब्लॉक में कोरोना वायरस के लिए विशेष तौर पर इंतजाम किए जा चुके हैं। साथ ही एम्स ने 150 बिस्तरों को अलग से आरक्षित कर लिया है। एम्स प्रबंधन के अनुसार कोरोना वायरस से जुड़ी हर स्थिति से निपटने के लिए वे तैयार हैं।


जल्द दिखेंगे छोटे व सस्ते वेंटिलेटर



एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार कोरोना वायरस के मरीजों को आईसीयू सुविधा बढ़ाने के लिए जल्द ही छोटे व सस्ते वेंटिलेटर उपलब्ध हो जाएंगे। इसकी तमाम कागजी कार्यवाही लगभग पूरी हो चुकी है।

दुनिया भर में वेंटिलेटर की मांग कोरोना वायरस के चलते बढ़ी है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक कंपनी से वेंटिलेटर की योजना बनाने वाले एम्स ने अब इसके लिए एक स्वदेशी कंपनी से करार किया है। ये कंपनी प्रोटोटाइप वेंटिलेटर उपलब्ध कराएगी जोकि, आकार में छोटे लेकिन काम में काफी तेज तकनीकी से लैस होंगे।

शवों के अंतिम संस्कार की बनाई गाइडलाइन
एम्स के फॉरेसिंक विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद अंतिम संस्कार को लेकर छह पेज की एक गाइडलाइन बनाई है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार इन दिशा निर्देशों का पालन करा सकती है।

एम्स की गाइडलाइन के तहत खुले में संक्रमित शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक या सीएनजी के जरिए अंतिम संस्कार करना उचित रहेगा। चार से पांच फुट गहरे गड्डे में शव को दफन कर उसके ऊपर सीमेंट की एक मोटी लेयर से कवर करना चाहिए।



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